Happy Dhanters 2017 Shubhkamnaye Shayari Kavita Bdhaai Sandesh In Hindi

Sone Ka rath Chandni ki Palaki ,jisme H Maa Lakshmi aai
Dene Aapko Or Aapke Pure Priwar ko Dhanters Ki Badhai

Dhanters Shayari in English

Dhanters Ka Subh Din Aaya ,sabke Liye Khushiyan h Laya
Lakshami Ganesh Viraje Aapke Ghr aap Pr Sukho Ki Rhe Chhaya
Happy Dhanters

Dhanters Ka pyaara Tyonhar, jivan Me Kushiya Laaya Apaar,
Mata Lakshami Viraje Aap Sbhi Ke Dwar ,Aapki Mnokamnaye Kare Svikar,
Happy Dhanters 2017

Ghanr Ghanr Barse Jaise Ghata
Vase Hi Ho Dhanters Par Dhan Ki Warsha
Manglmay Ho Dhantes Ka tyohaar
Bhent Me Aaye Gift Or Upahar
Best Happy Dhanters 2017

Dhanters ki H Sbko Hmaari bdhai
Sada Rahe Ghar Me Lakshmi Or Kuber Ki Parchhaai
Prem Mhobbt Se Rhana H Sab
Dhan Ke Rup Me Basata H Rab
Shubh Dhanters 2017

धनतेरस शुभकामनाये हिंदी शायरी

धन तेरस पर कुछ खास हो
सबके दिलो में खुशिया और हर घर में सुख का वास हो
हीरे मोती जड़ा हुआ आपका ताज हो
मिटे सब दुरिया और सब आपके पास हो
धनतेरस बधाई शायरी |

दिनों दिन बढ़ता जाये आपका व्यापार,
परिवार में बना रहे सदा स्नेह और प्यार,
होती रहे हमेशा अपार धन की बरसात,
ऐसा हो आपका धनतेरस का त्योंहार,
शुभ धनतेरस…

धन की अपार वर्षा हो, खुशियों का आगाज हो,
आपको जीवन भर हर सुख की प्राप्ति हो
माता लक्ष्मी का आपके घर में हमेशा वास हो.
धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं…

सफलता आपके कदम चूमती रहे, खुशी हर समय आपके आसपास घुमती रहे.
यश और कीर्ति इतना फैले की कस्तूरी भी शर्मा जाए.
लक्ष्मी की कृपया इतनी हो की महादेव पार्वती भी देखते रह जाएं.
आपको धनतेरस की शुभकामनाएं…

धन तेरस बधाई सन्देश

धन धान्य भरी है धनतेरस;
धनतेरस का दिन है बड़ा ही मुबारक;
माता लक्ष्मी है इस दिन की संचालक;
आओ मिल करें पूजन उनका, जो हैं जीवन की उद्धारक।
धनतेरस की शुभ कामनायें!

धनतेरस के पावन पर्व पर, सजे हुए बाज़ार।
घर में लाओ आज सभी , कुछ नये-नये उपहार।।

झालर-दीपों से सजे, आज सभी के गेह।
मन के नभ से आज तो, बरसे मधुरिम नेह।।

रहे हमेशा देश में, उत्सव का माहौल।
मिष्ठानों का स्वाद ले, बोलो मीठे बोल।।

सरस्वती के साथ हों, लक्ष्मी और गणेश।
तब आएगी सम्पदा, सुधरेगा परिवेश।।

उल्लू बन जाना नहीं, पाकर द्रव्य अपार।
धन के साथ मिले सदा, मेधा का उपहार।।

धनतेरस पर हिंदी कविता

धन से ही तो रस हैं सारे ,धन ही सुख-दुख के सहारे
धन ही मंदिर,धन ही पूजा ,न ऐसा कोई पर्व दूजा
धन ने किये हैं रौशन बाजार ,बिन धन यहाँ न कोई मनुहार
सब चाहें चखना इस रस का स्वाद .बिन धन जीवन है बकवास
धन ही पहचान,यही अभिमान ,सिवा इस रस के न कोई गुणगान
गज़ब है चाह न दिल कभी भरता ,पीने को ये रस हर कोई मचलता
उमर बीत जाए न होगा कभी बस! ,जितना मिले ले लें धन ते रस…

जगमग जगमग चाँद सितारे
हम सब देवी लक्ष्मी के चरण पखारे

व्यापारी के भाग सवारे
धन तेरस के बजे नगाड़े
हुया दिवाली का शुभारम्भ
नव वर्ष का सफल आरम्भ

सभी ख़ुशी ख़ुशी से गाये मल्हार
ऐसा धनतेरस का त्यौहार

आज से आपके घर धन की बरसात हो;
माँ लक्ष्मी का वास हो, सभी संकटों का नाश हो;
हर दिल पर आपका राज हो;
उन्नति का आपके सर पर ताज हो;
और घर में सुख शांति का वास हो!
शुभ धनतेरस!

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