Dhanteras Shubh Muhurat 2020 Date And Time Puja Vidhi In Hindi

Dhanteras Shubh Muhurat 2020 : Date And Time Puja Vidhi In Hindi, Dhanteras Puja Samagri, Dhanteras Puja Vidhi, Happy Dhanteras Puja Date & Time 2020 धनतेरस का त्यौहार भारत का सबसे पवित्र त्योहारों माना जाता है| यह धनतेरस के त्यौहार की शुरुआत नाम के शुभ त्यौहार की शुरुआत पाँच दिनों की दीवाली से होती है| और यह पूरे भारत और विदेशों में काफी धूमधाम से मनाया जाता है| यह त्यौहार हिंदू कैलंडर के अनुसार ”कृष्ण पक्ष के तेरहवें दिन” मनाया जाता है| और यह अक्टूबर और नवंबर के बीच आता है|.

धनतेरस के बारे में शास्त्रों में बताया गया है| कि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धनवंतरी सागर मंथन से प्रकट हुए थे| इसलिए इसी दिन धनतेरस मनाया जाना चाहिए| लेकिन समस्या यह है, कि त्रयोदशी तिथि दो दिन है। इस तरह की स्थिति आने पर शास्त्रों में बताए गए नियम के अनुसार जिस दिन शाम के समय त्रयोदशी यानी प्रदोष काल में त्रयोदशी हो उसी दिन धनतेरस की पूजा होनी चाहिए| इसी नियम की वजह से इस साल 13 November 2020 Friday को धन त्रयोदशी यानी धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा|.

Dhanteras Shubh Muhurat 2020

त्रयोदशी तिथि का आरंभ शाम को 7 बजकर 8 मिनट पर हो रहा है| जो अगले दिन दोपहर 3 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा| प्रदोष काल शाम 5 बजकर 42 मिनट से रात 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा| धन त्रयोदशी पर धन संपत्ति में स्थायित्व लाने के लिए स्थिर लग्न में पूजन करना शुभ रहता है| इस दिन शाम 6 बजकर 50 मिनट से रात 8 बजकर 45 मिनट तक वृषभ लग्न रहेगा|.

Dhanteras Shubh Muhurat 2020

पंचांग के अनुसार, धन तेरस पूजा मुहूर्त 13 November 2020 Friday को शाम 7:22 बजे से 8:26 बजे के बीच है|.

अवधि: 1 घंटा 4 मिनट|.
प्रदोष काल – प्रातः 05:59 से प्रातः 08:26 तक|.
वृष काल – प्रातः 07:22 से प्रातः 09:26 तक|.

त्रयोदशी तिथि शुरू होती है 07:08 अपराह्न 13 November 2020 को|.
त्रयोदशी तिथि समाप्त होती है03:46 PM 14 November 2020 को|.

धनतेरस की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय शाम 7 बजकर 8 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट है| क्योंकि इस दौरान स्थिर लग्न वृष होगा| प्रदोष काल और त्रयोदशी तिथि भी रहेगी| धनतेरस पर सोना, चाँदी और स्थायी संपत्ति की खरीदारी के लिए भी यह समय सबसे उत्तम है|.

Dhanteras Pooja Samagri List

  • 21 पूरे कमल बीज,
  • मणि पत्थर के 5 प्रकार,
  • 5 सुपारी,
  • लक्ष्मी–गणेश के सिक्के,
  • अगर बत्ती,
  • चूड़ी,
  • तुलसी पत्र,
  • पान,
  • चंदन,
  • लौंग,
  • नारियल,
  • सिक्के,
  • काजल,
  • दहीशरीफा,
  • धूप,
  • फूल,
  • चावल,
  • रोली,
  • गंगा जल,
  • माला,
  • हल्दी,
  • शहद,
  • कपूर आदि|.

Dhanteras Puja Vidhi

Dhanteras Puja Vidhi

  • धनतेरस के दिन शाम को पूजा करना श्रेयस्कर होता है|.
  • पूजा के स्थान पर उत्तर दिशा की तरफ भगवान कुबेर और धनवंतरि की प्रतिमा स्थापित करना चाहिए|.
  • दोनों के सामने एक-एक मुख का घी का दीपक जलाएं|.
  • ऐसी मान्यता है| कि भगवान कुबेर को सफेद मिठाई और धनवंतरि को पीली मिठाई का भोग लगाना चाहिए|.
  • पहले “ॐ ह्रीं कुबेराय नमः” का जाप करें, फिर “धन्वन्तरि स्तोत्र” का पाठ करें|.
  • बाद में मां लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश जी की पूजा करनी चाहिए|.
  • फल, फूल, चावल, रोली, चंदन, धूप व दीप के साथ पूजन करना चाहिए|.
  • पूजा के बाद, दीपावली पर, कुबेर को धन स्थान पर और धन्वन्तरि को पूजा स्थान पर स्थापित करें|.
  • इसी दिन यम देव के नाम से एक दीपक निकालने की भी प्रथा है|.
  • दीप जलाकर यमराज को नमन करना चाहिए|.

Dhanteras धनतेरस पूजा मंत्र

धनतेरस पूजा मंत्र धनतेरस के दिन यह मंत्र अवश्य पढ़ें.(“ॐ ह्रीं कुबेराय नमः”) का 108 बार जाप करना चाहिए| और धनतेरस के दिन धनवंतरी स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ रहता है| धनतेरस के दिन आरोग्य यानी उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करने वाले भगवान धनवंतरी का प्राकट्य हुआ था| इसलिए इस दिन इनकी पूजा होती है| धनवंतरी महाराज की पूजा के पहले इस दिन घर के मुख्य द्वार पर एक कौड़ी रखकर एक दीप प्रकाशित करना चाहिए| इसके बाद एक दीप घर के बाहर या छत पर दक्षिण दिशा की और मुंह करके रखना चाहिए| इसके बाद भगवान धनवंतरी की पूजा करनी चाहिए| इनसे प्रार्थना करें कि आपके घर में धन संपत्ति की वृद्धि हो और धन में ठहराव हो यानी बरकत रहे|.

Dhanteras 2019 Puja Time & Date

धनतेरस या धन त्रयोदशी, दीवाली के मौसम के दौरान मनाए जाने वाले कई त्योहारों में से एक है| इस वर्ष, यह शुभ त्योहार 13 November 2020 को मनाया जायेगा है| यह हिंदू समुदाय के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है| और उत्साह अधिक होता है| बाजार आकर्षक ऑफ़र के साथ-साथ उन हजारों उपभोक्ताओं से भरे हुए हैं जो आभूषण, फर्नीचर, कपड़े, वाशिंग मशीन, मिठाई और बहुत कुछ जैसे नए सामान खरीदने के लिए तैयार हैं| दुकानें लोगों से भर जाती हैं और वे इस दिन चीजें खरीदते हैं| और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद पाते हैं| इसे धन्वंतरी त्रयोदशी या लक्ष्मी पूजा के रूप में भी जाना जाता है|.

Leave a Reply