Dhanteras 2019 Shubh Muhurat Puja Vidhi Dhanteras Pooja Samagri List Happy Dhanteras Date & Time

Dhanteras 2019 Shubh Muhurat Dhanteras Pooja Samagri List Dhanteras Puja Vidhi Happy Dhanteras 2019 Puja Time & Date and Significance धनतेरस शुभ मुहूर्त और पूजा विधि पूजा की सामग्री: धनतेरस नाम के शुभ त्यौहार की शुरुआत पांच दिनों की दीवाली से होती है और यह पूरे भारत और विदेशों में काफी धूमधाम से मनाया जाता है। ‘धन’ का शाब्दिक अर्थ धन है जबकि ‘तेरस’ का अर्थ तेरहवीं है। यह त्यौहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार कृष्ण पक्ष के तेरहवें दिन मनाया जाता है और यह अक्टूबर और नवंबर के बीच आता है। धनतेरस के बारे में शास्त्रों में बताया गया है कि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धनवंतरी सागर मंथन से प्रकट हुए थे इसलिए इसी दिन धनतेरस मनाया जाना चाहिए। लेकिन समस्या यह है कि त्रयोदशी तिथि दो दिन है। इस तरह की स्थिति आने पर शास्त्रों में बताए गए नियम के अनुसार जिस दिन शाम के समय त्रयोदशी यानी प्रदोष काल में त्रयोदशी हो उसी दिन धनतेरस की पूजा होनी चाहिए। इसी नियम की वजह से इस साल 25 अक्टूबर शुक्रवार को धनत्रयोदशी यानी धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा।

Happy Dhanteras 2019

त्रयोदशी तिथि का आरंभ शाम को 7 बजकर 8 मिनट पर हो रहा है। जो अगले दिन दोपहर 3 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। प्रदोष काल शाम 5 बजकर 42 मिनट से रात 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। धन त्रयोदशी पर धन संपत्ति में स्थायित्व लाने के लिए स्थिर लग्न में पूजन करना शुभ रहता है। इस दिन शाम 6 बजकर 50 मिनट से रात 8 बजकर 45 मिनट तक वृषभ लग्न रहेगा।

Dhanteras 2019 Shubh Muhurat

पंचांग के अनुसार, धनतेरस पूजा मुहूर्त 25 अक्टूबर को शाम 7:22 बजे से 8:26 बजे के बीच है।

अवधि: 1 घंटा 4 मिनट
प्रदोष काल – प्रातः 05:59 से प्रातः 08:26 तक
वृष काल – प्रातः 07:22 से प्रातः 09:26 तक

त्रयोदशी तीथि शुरू होती है – 07:08 अपराह्न 25 अक्टूबर 2019 को
त्रयोदशी तिथि समाप्त होती है – 03:46 PM 26 अक्टूबर 2019 को

धनतेरस की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय शाम 7 बजकर 8 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट है। क्योंकि इस दौरान स्थिर लग्न वृष होगा। प्रदोष काल और त्रयोदशी तिथि भी रहेगी। धनतेरस पर सोना, चांदी और स्थायी संपत्ति की खरीदारी के लिए भी यह समय सबसे उत्तम है।

Dhanteras Pooja Samagri List

Dhanteras Pooja Samagri

21 पूरे कमल बीज, मणि पत्थर के 5 प्रकार, 5 सुपारी, लक्ष्मी–गणेश के सिक्के (10 ग्राम या अधिक), अगरबत्ती, चूड़ी, तुलसी पत्र, पान, चंदन, लौंग, नारियल, सिक्के, काजल, दहीशरीफा, धूप, फूल, चावल, रोली, गंगा जल, माला, हल्दी, शहद, कपूर आदि

Dhanteras Puja Vidhi

Dhanteras Puja Vidhi

धनतेरस के दिन शाम को पूजा करना श्रेयस्कर होता है। पूजा के स्थान पर उत्तर दिशा की तरफ भगवान कुबेर और धनवंतरि की प्रतिमा स्थापित करना चाहिए। दोनों के सामने एक-एक मुख का घी का दीपक जलाएं। ऐसी मान्यता है कि भगवान कुबेर को सफेद मिठाई और धनवंतरि को पीली मिठाई का भोग लगाना चाहिए। पहले “ॐ ह्रीं कुबेराय नमः” का जाप करें, फिर “धन्वन्तरि स्तोत्र” का पाठ करें। बाद में मां लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश जी की पूजा करनी चाहिए। फल,फूल,चावल, रोली, चंदन, धूप व दीप के साथ पूजन करना चाहिए। पूजा के बाद, दीपावली पर, कुबेर को धन स्थान पर और धन्वन्तरि को पूजा स्थान पर स्थापित करें । इसी दिन यमदेव के नाम से एक दीपक निकालने की भी प्रथा है। दीप जलाकर यमराज को नमन करना चाहिए।

धनतेरस पूजा मंत्र

ॐ ह्रीं कुबेराय नमः” का 108 बार जाप करना चाहिए और धनतेरस के दिन धनवंतरी स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ रहता है।

धनतेरस के दिन आरोग्य यानी उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करने वाले भगवान धनवंतरी का प्राकट्य हुआ था इसलिए इसदिन इनकी पूजा होती है। धनवंतरी महाराज की पूजा के पहले इस दिन घर के मुख्य द्वार पर एक कौड़ी रखकर एक दीप प्रकाशित करना चाहिए। इसके बाद एक दीप घर के बाहर या छत पर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके रखना चाहिए। इसके बाद भगवान धनवंतरी की पूजा करनी चाहिए। इनसे प्रार्थना करें कि आपके घर में धन संपत्ति की वृद्धि हो और धन में ठहराव हो यानी बरकत रहे।

Dhanteras 2019 Puja Time & Date

धनतेरस या धनत्रयोदशी, दिवाली के मौसम के दौरान मनाए जाने वाले कई त्योहारों में से एक है। इस वर्ष, यह शुभ त्योहार 25 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह हिंदू समुदाय के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है और उत्साह अधिक होता है। बाजार आकर्षक ऑफ़र के साथ-साथ उन हजारों उपभोक्ताओं से भरे हुए हैं जो आभूषण, फर्नीचर, कपड़े, वाशिंग मशीन, मिठाई और बहुत कुछ जैसे नए सामान खरीदने के लिए तैयार हैं! दुकानें लोगों से भर जाती हैं और वे इस दिन चीजें खरीदते हैं और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद पाते हैं। इसे धन्वंतरी त्रयोदशी या लक्ष्मी पूजा के रूप में भी जाना जाता है।

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