Diwali Shubh Muhurat Puja Vidhi Time Pooja Samagri दीपावली शुभ मुहूर्त पूजा विधि व मंत्र

Diwali 2023 Shubh Muhurat Deepavali Pooja Samagri & Mantra Happy Deepawali 2023 Puja Vidhi Muhurat Time दिवाली पूजा शुभ मुहूर्त पूजा विधि मंत्र और पूजा की सामग्री: The festival of Deepawali is considered to be prominent among the festivals celebrated in Hinduism. Preparations for the festival of Diwali begin a month in advance. हिन्दू धर्म में मनाए जाने वाले त्योहारों में दीपावली के त्योहार को प्रमुख माना जाता है | दिवाली के त्यौहार की तैयारी एक महीने पहले से शुरू हो जाती है | दीवाली के दिन (Day of Diwali) भगवान गणेश (Lord Ganesh) मां लक्ष्मी (Maa Laxmi) सरस्वती माता (Saraswati Mata) के साथ -साथ भगवान कुबेर (Kuber Maharaj) की विशेष पूजा विधी से अर्चना कर उनसे सुख-समृद्धि, बुद्धि तथा घर में शांति, तरक्की का वरदान मांगा जाता है| और ऐसा कहा जाता है की लक्ष्मी जी वही निवास करती है जहाँ प्रेम व स्वछता झलकती है |

माँ लक्ष्मी जी की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे इसलिए माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए आपको यहाँ दिवाली का शुभ मुहूर्त Diwali Shubh Muhurat 2023 दिवाली की पूजा विधि Diwali Puja Vidhi दिवाली पूजा मंत्र Diwali Laxmi Puja Mantra के बारे में बताया गया है | यहाँ व्यवसायी लोगो के लिए दुकान ऑफिस फैक्ट्री कारखाना इत्यादि का दीपावली पूजा शुभ मुहूर्त Deepawali Puja Shubh Muhurat चौघडिया अनुसार है | विद्वान ज्ञानी पंडितो व चौघडिया का दिवाली पूजन शुभ मुहूर्त Deepawali Pujan Shubh Muhurat Puja Vidhi Laxmi Mantra निचे दे दिए गए है | इनके अनुसार दीपावली पूजन / लक्ष्मी पूजन कर लक्ष्मी, सरस्वती, गणेशजी एव कुबेर महाराज को प्रसन्न कर सकते है |

Diwali Shubh Muhurat Puja Vidhi Time Pooja Samagri | दीपावली शुभ मुहूर्त पूजा विधि व मंत्र

Deepawali 2023 Diwali Laxmi Puja Shubh Muhurat Puja Vidhi
दिवाली पूजन का शुभ समय, पूजा विधि : हिन्दू पंचांग के अनुसार दीपावली का पर्व हर वर्ष अश्विन मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है | और अंग्रेजी कलेंडर में यह त्योहार अक्टूम्बर/नवम्बर माह में आता है | अगर आप यह नहीं जानते कि दिवाली 2023 में कब है या 2023 में दीपावली कब की है (When is Diwali in 2023), दिवाली 2023 का लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है (Diwali Shubh Muhurat 2023) और क्या है दिवाली की पूजा विधि (Diwali Puja Vidhi). अगर आप इन सभी जानकारी से वंचित है तो यहाँ आप दीपावली लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त Diwali Laxmi Pujan 2023 Shubh Mahurat, लक्ष्मी पूजन / दिवाली पूजन विधि Laxmi Pujan/Diwali Pujan Vidhi, दिवाली पूजन सामग्री Deepawali Pujan Samagri, लक्ष्मी मंत्र Laxmi Pujan Mantra इत्यादि इस पेज के अंत तक जान सकते है | अन्य किसी जानकारी के लिए हमारे वेबपोर्टल www.Rkalert.in पर विजिट करे | यहाँ से आप दीपावली की लेटेस्ट फोटो Diwali New Latest Photo, दिवाली फेसबुक व्हाट्सअप्प स्टेटस Deepawali Facebook Whatsapp Status, दीपावली की शायरी Happy Diwali Shayari, दिवाली के वॉलपेपर Deepawali Maa Laxmi Wallpaper इत्यादि डाउनलोड कर सकते है |

दीपावली 2023 लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
दिवाली 2023 तिथि Diwali 2023 Tithi लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त Laxmi Puja Shubh Muhurat : दिवाली का महापर्व अश्विन मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या 24 October 2023 को मनाया जाएगा | दिवाली 2023 शुभ मुहूर्त / लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त (Diwali 2023 Subh Mahurat / Laxmi Pooja Shubh Muhurat ) दिवाली पर लक्ष्मी पूजा मुहूर्त लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल मुहूर्त – रात 07.02 – रात 08.23, लक्ष्मी पूजा निशिता काल मुहूर्त – रात 11.46 – प्रात: 12.37, रात्रि मुहूर्त (लाभ) – रात 10:36 – प्रात: 12

दीपावली के चार शुभ मुहूर्त ( Deepawali/Diwali Date & Shubh Muhurat )
वृश्चिक लग्न दिवाली मुहूर्त – वृश्चिक लग्न में दिवाली लक्ष्मी पूजा सुबह के समय की जाती है | वृश्चिक लग्न के अंतर्गत मंदिर, हॉस्पिटल, होटल, स्कूल व कॉलेजों में पूजा की जाती है | अधिकांश राजनैतिक, टी.वी. फ़िल्मी कलाकार वृश्चिक लग्न में ही पूजा करते है |

कुंभ लग्न दिवाली मुहूर्त – कुंभ लग्न में दीपावली लक्ष्मी पूजा दोपहर के समय में की जाती है | कुंभ लग्न में वे लोग पूजा करते है जो बीमार रहते है जिन पर शनि की दशा ख़राब चल रही है और व्यापर में हानी हो रही है | वे लोग कुंभ लग्न में लक्ष्मी पूजन करते है |

वृषभ लग्न दिवाली मुहूर्त – वृषभ लग्न में दिवाली लक्ष्मी पूजन शाम के समय की जाती है | शास्त्रों व पुरानो के अनुसार लक्ष्मी पूजन का यहाँ समय बेहद शुभ माना जाता है |

सिहं लग्न दिवाली मुहूर्त – सिहं लग्न में दिवाली लक्ष्मी पूजन मध्य रात्रि में किया जाता है | मध्य रात्रि में निशीथ काल संतो व तांत्रिको द्वारा देवी लक्ष्मी का पूजन किया जाता है |

दीवाली पूजा हेतु पूजन सामग्री Deepawali Pujan Samagri
दीपावली पूजन सामग्री : दीवाली पूजा के सामान की लगभग सभी चीजें घर में ही मिल जाती हैं | कुछ अतिरिक्त वस्तुए जो बाहर से लाई जाती है | यहाँ आपको दिवाली लक्ष्मी पूजा में काम आने वाली सभी वस्तुओ की सूचि दे दी गई है | जो इस प्रकार है –

लक्ष्मी, सरस्वती व गणेश जी का चित्र या प्रतिमा, कमल व गुलब के फूल, पान का पत्ता, केसर, लाल कपड़ा, रोली, कुमकुम, चावल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, अगरबत्तियां, मिट्टी तथा तांबे के दीपक, रुई, कलावा (मौलि), नारियल, शहद, दही, गंगाजल, गुड़, धनिया, फल, फूल, जौ, गेहूँ, दूर्वा, चंदन, सिंदूर, घृत, पंचामृत, दूध, मेवे, खील, बताशे, गंगाजल, यज्ञोपवीत (जनेऊ), श्वेत वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, कमल गट्टे की माला, शंख, आसन, थाली, चांदी का सिक्का, देवताओं के प्रसाद हेतु मिष्ठान्न (बिना वर्क का)

दिवाली पूजा विधि / लक्ष्मी पूजन विधि (Diwali Puja Vidhi / Lakshami Pujan Vidhi)
Diwali Shubh Muhurat Puja Vidhi Time Pooja Samagri | दीपावली शुभ मुहूर्त पूजा विधि व मंत्र

शस्त्रों में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए दीपावली की पूजा के लिए कुछ नियम बताए गए हैं | इन नियमों में गृहस्थों के लिए प्रदोष काल में संध्या के समय स्थिर लग्न में पूजन करना उत्तम माना गया है इससे सुख समृद्धि की वृद्धि होती है | जबकि तंत्र विद्या से माता लक्ष्मी की पूजा करने वालों के लिए मध्य रात्रि का समय उत्तम माना गया है क्योकि मध्य रात्रि में निशीथ काल में देवी लक्ष्मी की पूजा सभी प्रकार की कामना पूर्ण करने वाली मानी जाती है |

दिवाली पूजन स्थल पर एक साफ चौकी बिछांए |
चौकी को साफ करे और आटे से चौकी पर नवग्रह यंत्र बनाएं |
नवग्रह यंत्र पर चांदी का सिक्का रखें |
भगवान गणेश, मां लक्ष्मी, सरस्वती माता के साथ कुबेर महाराज और श्री यंत्र स्थापित करें |
अब गंगाजल से स्नान या छिड़काव कर रोली और अक्षत से टीका करें |
पूजा स्थान पर तांबे/मिटटी/स्टील के कलश में दूध, दही, शहद,गंगाजल, लौंग इत्यादि भरकर उस पर लाल कपड़ा बांधकर उसके ऊपर नारियल विराजित कर स्थापित करे |
इसके बाद कलश पर रोली से स्वस्तिक/सतिया बना लें और श्रीं लिखें इसके बाद मोली की 5 गांठे बांध दें |
इसके बाद आम के पत्ते बांध दे और पुजा स्थल पर पंच मेवा, गुड़ फूल , मिठाई,घी , कमल का फूल ,खील बातसें आदि भगवान गणेश और मां लक्ष्मी के आगे रखें |
मां लक्ष्मी को कमल का फूल अत्याधिक प्रिय है इसलिए मां लक्ष्मी के दोनों और एक- एक कमल का फुल रखे |
दाहिने हाथ से भगवान को इत्र, अक्षत, पुष्प, मिठाई, फूल और जल अर्पित करें |
इसके बाद भगवान गणेश और मां लक्ष्मी के आगे पांच घी और पांच तेल के दीपक और तेल का बड़ा दीपक जलाएं |
अब विधिवत रूप से भगवान श्री गणेश जी महाराज और मां लक्ष्मी की आरती बोले |
माँ लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा के बाद कुबेर महाराज की पूजा अवश्य करें |
इसके बाद अपने गहनों ,पैसों और बहीखातों की भी पूजा करते हैं, जिससे आपकी संपन्नता लगातार बढ़ती रहे |
माँ लक्ष्मी के आसन को पवित्र करने का मंत्र
ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा। य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स: वाह्याभंतर: शुचि:।।

दिवाली पूजा से पहले पृथ्वी को प्रणाम करने का मंत्र
पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग ऋषिः सुतलं छन्दः कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥ ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता। त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्‌॥ पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः

माँ लक्ष्मी को गंगाजल से स्नान करवाने का मंत्र
“ॐ केशवाय नमः, ॐ नारायणाय नमः, ॐ माधवाय नमः”

लक्ष्मी प्राप्ति मंत्र
ॐ हिम् महालक्ष्मै च विदमहै, विष्णु पत्नये च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात

Choghadiya Deepawali Pujan Shubh Muhurat 2023
Pradosh Kaal Diwali Puja Shubh Muhurat
Nishita Kaal Deepawali Puja Shubh Muhurat
दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त :18:54:52 से 20:16:07 तक
अवधि :1 घंटे 21 मिनट
प्रदोष काल :17:43:11 से 20:16:07 तक
वृषभ काल :18:54:52 से 20:50:43 तक

दिवाली महानिशीथ काल मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त्त :23:40:02 से 24:31:00 तक
अवधि :0 घंटे 50 मिनट
महानिशीथ काल :23:40:02 से 24:31:00 तक
सिंह काल :25:26:25 से 27:44:05 तक

दिवाली शुभ चौघड़िया मुहूर्त

सायंकाल मुहूर्त्त (अमृत, चल):17:29:35 से 19:18:46 तक
रात्रि मुहूर्त्त (लाभ):22:29:56 से 24:05:31 तक
रात्रि मुहूर्त्त (शुभ, अमृत, चल):25:41:06 से 30:27:51 तक

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