Govardhan Puja 2020 Puja Vidhi Shubh Muhoort Va Pooja Material

Govardhan Puja 2020 : Govardhan Pooja, Govardhan Puja Vidhi, Govardhan Pooja Material, Govardhan Puja Vidhi Shubh Muhoort, Govardhan Puja Vidhi In Hindi, गोवर्धन पूजा का भारत में मनाये जाने वाले पर्व में से एक है| गोवर्धन पूजा हिन्दू धर्म में मनाये जाने वाला पर्व है| Govardhan Pooja भारत में प्रत्यक वर्ष मनायें जाते है| गोवर्धन पूजा प्रत्येक वर्ष हिन्दू कलैंडर के अनुसार कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा यानी दीपावली के दूसरे दिन मनाये जाते है| गोवर्धन पूजा इस बार 15 नवंबर 2020 (रविवार) को मनाया जाएगा| गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त 15:18:37 से 17:27:15 तक मनाया जाएगा इसकी अवधि 2 घंटा 8 मिनट है|

Govardhan Puja 2020

Govardhan Pooja का पर्व  प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है| गोवर्धन पूजा का पर्व दीवाली की अगले दिन (दूसरे दिन) गोवर्धन पूजा की जाती है| लोग इसे अन्नकूट के नाम से भी जानते है| इस त्यौहार का भारतीय लोक जीवन में काफी महत्व है| इस पर्व में प्रकृति के साथ मानव का सीधा सम्बन्ध दिखाई देता है| Govardhan Pooja में गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है| शास्त्रों में बताया गया है| गाय उसी प्रकार पवित्र होती है| जैसे नदियों में गंगा गाय को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा गया है| देवी लक्ष्मी जिस प्रकार सुख समर्धि  प्रदान करती है| उसी प्रकार गों माता भी अपने दूध से स्वास्थ्य रूपी धन प्रदान करती है| इस तरह गाय सम्पूर्ण मानव जाती के लिए पूजनीय और आदरणीय है| गायों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए ही कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा की जाती है| और इसके प्रतीक के रूप में गाय की|.

गोवर्धन पूजा पोराणिक कथाओं के अनुसार जब क्रष्ण ने ब्रजवासियो को मूसलाधार वर्षा से बचने के लिए भगवान श्री क्रषण ने सात दिन तक गोर्वधन पर्वत को अपनी सबसे छोटी उगली पर उठाकर रखा और गोप – गोपिकाए उसकी छाया में सुख पूर्वक रहे सातवें दिन भगवान ने गोवर्धन को निचे रखा और हर वर्ष गोवर्धन पूजा करके अन्नकूट उत्सव मनाने की आज्ञा दी| तभी सेयह उत्सव अन्नकूट के नाम मनाया जाने लगा था| Govardhan Puja 2020 Date, Govardhan Puja in India, Govardhan Puja Date And Time, Govardhan Puja, Annakut Puja Date and Time, Govardhan Puja Shubh Muhurt, Govardhan Parvat, Chhath Puja 2020, Govardhan Puja 2020 Date, Govardhan Pooja, Govardhan Puja Vidhi, Govardhan Pooja Material, Govardhan Puja Vidhi Shubh Muhurt, Govardhan Puja Shubh Time, Govardhan Puja Katha.

Govardhan Puja Shubh Muhurt 2020

गोवर्धन पूजा का पर्व प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है| Govardhan Pooja का पर्व शुभ मुहूर्त से भी मना सकते है| भारत हिन्दू धर्म प्रत्येक त्यौहार शुभ मुहूर्त से ही मनाते है| जैसे होली दीपावली तीज आदि सभी त्यौहार शुभ समय के अनुसार मनाया जाता है| तो इसी के साथ गोवर्धन पूजा का शुभ समय अनुसार मना सकते है|

गोवर्धन पूजा मुहूर्त 2020
गोवर्धन पूजा सायंकाल मुहूर्त : 15:18:37 से 17:27:15 तक
अवधि : 2 घंटे 8 मिनट्स

Govardhan Puja Date And Scriptural Niyam

Govardhan Pooja 2020 गोवर्धन पूजा कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है| इसकी गणना निम्न प्रकार से की जा सकती है|

1. गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनानी चाहिए| लेकिन यह सुनिश्चित हो कि इस दिन संध्या के समय चंद्र दर्शन नहीं हो|.
2. यदि शाम को सूर्यास्त के समय कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन चंद्र दर्शन होने वाला है| तो गोवर्धन पूजा पहले दिन करनी चाहिए|.
3. यदि सूर्य उदय के समय प्रतिपदा तिथि लगती है| और चंद्र दर्शन नहीं हो तो उसी दिन Govardhan Pooja मनानी चाहिए| अगर ऐसा नहीं हो तो गोवर्धन पूजा पहले दिन मान्य होगी|.
4. जब सूर्योदय के बाद प्रतिपदा तिथि कम से कम 9 मुहूर्त तक विद्यमान हो भले ही उस दिन चंद्र दर्शन शाम को हो जाए| लेकिन स्थूल चंद्र दर्शन का अभाव माना जाए| ऐसी स्थिति में गोवर्धन पूजा उसी दिन मनानी चाहिए|.

Govardhan Pooja Ke Niyam Aur Vidhi

Govardhan Pooja गोवर्धन पूजा का भारतीय जन जीवन में बड़ा महत्व है| वेदों में इस दिन वरुण, इंद्र, अग्नि आदि| देवताओं की पूजा का विधान है| इस दिन गोवर्धन पर्वत, गोधन यानि गाय और भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है| यह त्यौहार मानव जाति को इस बात का संदेश देता है| कि हमारा जीवन प्रकृति द्वारा प्रदान संसाधनों पर निर्भर है| और इसके लिए हमें उनका सम्मान और धन्यवाद करना चाहिए| गोवर्धन पूजा के जरिए हम समस्त प्राकृतिक संसाधनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं|

1. Govardhan Pooja के दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर उसे फूलों से सजाया जाता है| गोवर्धन पूजा सुबह या शाम के समय की जाती है| पूजन के दौरान गोवर्धन पर धूप, दीप, नैवेद्य, जल, फल आदि चढ़ाये जाने चाहिए| इसी दिन गाय-बैल और कृषि काम में आने वाले पशुओं की पूजा की जाती है|.
2. गोवर्धन जी गोबर से लेटे हुए पुरुष के रूप में बनाए जाते हैं| नाभि के स्थान पर एक मिट्टी का दीपक रख दिया जाता है| इस दीपक में दूध, दही, गंगाजल, शहद, बताशे आदि पूजा करते समय डाल दिए जाते हैं|और बाद में प्रसाद के रूप में बांट दिए जाते हैं|.
3. पूजा के बाद गोवर्धन जी की सात परिक्रमाएं लगाते हुए उनकी जय बोली जाती है| परिक्रमा के वक्त हाथ में लोटे से जल गिराते हुए और जौ बोते हुए परिक्रमा पूरी की जाती है|.
4. गोवर्धन गिरि भगवान के रूप में माने जाते हैं| और इस दिन उनकी पूजा घर में करने से धन, संतान और गौ रस की वृद्धि होती है|.
5. गोवर्धन पूजा के दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी की जाती है| इस मौके पर सभी कारखानों और उद्योगों में मशीनों की पूजा होती है|.

Govardhan Pooja Vart Katha 2020

यह घटना द्वापर युग की है| ब्रज में इंद्र की पूजा की जा रही थी| वहां भगवान कृष्ण पहुंचे और उनसे पूछा की यहाँ किसकी पूजा की जा रही है| सभी गोकुल वासियों ने कहा देवराज इंद्र की| तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोकुल वासियों से कहा कि इंद्र से हमें कोई लाभ नहीं होता| वर्षा करना उनका दायित्व है| और वे सिर्फ अपने दायित्व का निर्वाह करते हैं| जबकि गोवर्धन पर्वत हमारे गौ-धन का संवर्धन एवं संरक्षण करते हैं| जिससे पर्यावरण शुद्ध होता है| इसलिए इंद्र की नहीं गोवर्धन की पूजा की जानी चाहिए| सभी लोग श्रीकृष्ण की बात मानकर गोवर्धन पूजा करने लगे| जिससे इंद्र क्रोधित हो उठे, उन्होंने मेघों को आदेश दिया कि जाओ गोकुल का विनाश कर दो| भारी वर्षा से सभी भयभीत हो गए| तब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका ऊँगली पर उठाकर सभी गोकुल वासियों को इंद्र के कोप से बचाया| जब इंद्र को ज्ञात हुआ कि श्रीकृष्ण भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार हैं| तो इन्द्रदेव अपनी मूर्खता पर बहुत लज्जित हुए तथा भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा याचना की| तबसे आज तक गोवर्धन पूजा बड़े श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ की जाती है|.

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