Guru Gobind Singh Jayanti Shayari 2021 (Whatsapp & Facebook Shayari, Guru Gobind Singh Wallpaper Shayari In Hindi

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Guru Gobind Singh Jayanti

तथा (पिछले वर्ष यह जयंती 2 जनवरी 2020 को मनाया गया था ) गुरु गोबिंद सिंह का सिख धर्म में इनका योगदान बड़ा ही महत्वपूर्ण है| गुरु गोविंद सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब को पूरा किया और उसे गुरु रूप में स्थापित किया| गुरु गोबिंद सिंह का जन्म पोष शुक्ल सप्तमी तिथि को सन: 1666 ई. में 22 दिसम्बर के दिन इनका जन्म हुआ था| तथा इस वर्ष गुरु गोबिंद सिंह जयंती 5 जनवरी को होने की वजह से पुरे देश में इनका जन्मोत्सव इसी दिन मनाया जाएगा| मान्यता है की इनके जन्म के समय पिता तेगुबहादुजी जो सिखों के 9 गुरु थे उस समय वह असम में धर्मोपदेशक के लिए गये थे|.

Guru Gobind Singh Jayanti Date And Time

गुरु गोबिंद सिंह जयंती इस वर्ष 20201 में प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी (पोष शुक्ल सप्तमी तिथि को ) मनाया जायेगा जो इस वर्ष 5 जनवरी को है|
Date :- 5 जनवरी 2021 (पोष शुक्ल सप्तमी तिथि )

Guru Gobind Singh Jayanti Important Details

जन्म गोबिन्द राय 22 दिसंबर , 1666 पटना बिहार, भारत
मृत्यु 7 अक्टूबर 1708 (उम्र 42) नांदेड़, महाराष्ट्र, भारत
पदवी सिखों के दसवें गुरु
प्रसिद्धि कारण दसवें सिख गुरु, सिख खालसा सेना के संस्थापक एवं प्रथम सेनापति
पूर्वाधिकारी गुरु तेग बहादुर
उत्तराधिकारी गुरु ग्रंथ साहिब
जीवनसाथी माता जीतो, माता सुंदरी, माता साहिब देवां
बच्चे अजीत सिंह ,जुझार सिंह, जोरावर सिंह,फतेह सिंह
माता-पिता गुरु तेग बहादुर, माता गूजरी

Guru Gobind Singh Jayanti

Guru Gobind Singh Jayanti 2021

गुरु गोबिंद सिंह सीखो के सातवें गुरु थे. उनके पिता गुरु तेगा बहादुर वह एक महान योद्धा, कवि,भक्त एव आध्यात्मिक नेता थे| तथा बैसाखी के दिन उन्होंने (खालसा ग्रन्थ) की स्थापना की जो सिखों के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है| गुरु गोबिन्द सिंह ने सिखों की पवित्र ग्रन्थ गुरु ग्रंथ साहिब को पूरा किया तथा उन्हें गुरु रूप में सुशोभित किया| बिचित्र नाटक को उनकी आत्मकथा माना जाता है| गुरु गोविंद सिंह जहां विश्व की बलिदानी परम्परा में अद्वितीय थे| वहीं वे स्वयं एक महान लेखक मौलिक चिंतक तथा संस्कृत सहित कई भाषाओं के ज्ञाता भी थे|.

उन्होंने स्वयं कई ग्रंथों की रचना की| वे विद्वानों के संरक्षक थे| उनके दरबार में ५२ कवियों तथा लेखकों की उपस्थिति रहती थी इसीलिए उन्हें ‘संत सिपाही’ भी कहा जाता था| वे भक्ति तथा शक्ति के अद्वितीय संगम थे| गुरु गोबिंद ने मुगलों के साथ युद्ध लड़े थे धर्म के लिए समस्त परिवार का बलिदान दिया था| जिनके लिए उन्हें सर्ववंशदायनी भी कहा जाता है | गुरु गोबिंद जनसाधारण में वे कलगी , दशमेश , बांजावाले आदि उपनाम व उपलब्धियों से भी जाना जाता है|.

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गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन की महत्वपूर्ण बातें

1. गुरु गोबिंद सिंह जी पटना में तीर कमान चलाना बनावटी युद्ध करना इत्यादि खेल खेलते थे जिसके कारण बच्चे उनको सरदार मानने लगे थे| अल्प आयु में ही उन्होंने फारसी, हिंदी, संस्कृत, बृज आदि भाषाएं सीख ली थीं|.
2. नवंबर 1675 में औरंगज़ेबी ने गुरु तेग बहादुर को शहीद कर दिया था जिसके बाद नौ वर्ष की अल्पायु में ही पिता की गद्दी संभाली|.
3. गुरु गोबिंद सिंह जी बेहद ही निडर और बहादुर योद्धा थे| उनकी बहादुरी का अंदाजा आप इस दोहे से लगा सकते हैं जो उनके बारे में लिखा गया है “सवा लाख से एक लड़ाऊँ चिड़ियों सों मैं बाज तड़ऊँ तबे गोबिंदसिंह नाम कहाऊँ|.”
4. गुरु गोबिंद सिंह जी आध्यात्मिक गुरु होने के साथ ही कवि और दार्शनिक भी थे| उन्होंने 1699 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की। उन्होंने हर सिख के लिए कृपाण या श्रीसाहिब धारण करना अनिवार्य कर दिया|.
5. गुरु गोबिंद सिंह जी ने ही खालसा वाणी दी| जिसे “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह” कहा जाता है|.
6. उन्होंने ही सिखों के लिए ‘पांच ककार’ अनिवार्य किया। इसमें सिखों के लिए केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा धारण करने का रिवाज है|.
7. उन्‍होंने अपने धर्म की रक्षा के लिए मुगलों से लड़ते हुए पूरे परिवार का बलिदान कर दिया| उनके दो बेटे बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह ने चमकौर के युद्ध में शहादत प्राप्त की| वहीं, अन्य दो बेटे बाबा जोरावर सिंह और फतेह सिंह को सरहंद के नवाब ने जिंदा दीवारों में चुनवा दिया|.
8. अक्टूबर 1708 को उनकी ज्योति ज्योत समा गई| इससे पहले उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब ही अब से सिखों के स्थायी गुरु होंगे|.
9. उन्होंने कहा था ​कि जहां पांच सिख एकत्र होंगे, वहीं वे निवास करेंगे|.
10. गुरु जी ने समाज में फैले भेदभाव को खत्म कर समानता स्थापित की थी, साथ ही उनमें आत्मसम्मान तथा निडर रहने की भावना पैदा की थी|.

गुरु गोबिंद सिंह जी के उपदेश

1. गुरु गोबिंद सिंह जी ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को डरना नहीं चाहिए और न ही उसे दूसरों को डराना चाहिए। वे कहते हैं भै काहू को देत नहि, नहि भय मानत आन|.
2. गुरु जी के जीवन दर्शन था कि धर्म का मार्ग ही सत्य का मार्ग है| सत्य की हमेशा जीत होती है|.
3. ईश्वर ने मनुष्यों को इसलिए जन्म दिया है, ताकि वे संसार में अच्छे कर्म करें और बुराई से दूर रहें|.
4. गुरु के बिना किसी भी व्यक्ति को ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो सकती है|.
5. मनुष्य का मनुष्य से प्रेम ही ईश्वर की भक्ति है। जरूरतमंद लोगों की मदद करें|.

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Guru Gobind Singh Jayanti Shayari

हो लाख-लाख बधाई आपको
गुरु गोविन्द सिंह का आशीर्वाद मिले आपको
ख़ुशी का जीवन से रिश्ता हो ऐसा
दीये का बाती संग रिश्ता जैसा
हैप्पी गुरु गोविन्द सिंह जयंती…….||

Guru Gobind Singh Jayanti Hindi Shayari

वाहे गुरु का आशीष सदा
मिले ऐसी कामना है हमारी
गुरु की कृपा से आएगी
घर घर में ख़ुशहाली
हैप्पी गुरु गोविन्द सिंह जयंती…….||

Guru Gobind Singh Jayanti Shayari In Hindi

खुशियाँ और आपका जनम जनम का साथ हो
हर किसी की जुबान पर आपकी हसी की बात हो
जीवन में कभी कोई मुसीबत आए भी
तो आपके सर पर गुरु गोविन्द सिंह का हाथ हो
हैप्पी गुरु गोविन्द सिंह जयंती…….||

Guru Gobind Singh Jayanti Facebook Shayari

वाहे गुरु आशीष रहे सदा तेरी
तेरी दया पर चलती जिन्दगी मेरी
जब भी आये कोई मुश्किल
तू ही दिखाए मुझको मंजिल
हैप्पी गुरु गोविन्द सिंह जयंती…….||

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गुरु गुरु गोविन्द सिंह जी के सद्कर्म
हमे सदा दिखाएँगे राह
वाहे गुरु के ज्ञान से
सबके बिगड़े हुए कामकाज बन जाएँगे
गुरु गुरु गोविन्द सिंह जयंती की हार्दिक शुभकामनाए…….||

Guru Gobind Singh Jayanti Facebook Shayari

गुरु गोविन्द सिंह तुम हो प्राण पियारे
तुम बिन जग से मुझे कौन तारे
आकर दे दो दर्शन गुरुवर मुझको
अपना बना लो प्रभु अब तो मुझको
हैप्पी गुरु गुरु गोविन्द सिंह जयंती…….||

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सर पर मेरे हैं गुरुवर का हाथ
है हरपल, हरदम वो मेरे साथ
है विश्वास वही राह दिखायेंगे
मेरे सारे बिगड़े काम बन जायेंगे
हैप्पी गुरु गोविन्द सिंह जयंती…….||

Guru Gobind Singh Shayari

राज करेगा खालसा, बाके रहे ना कोए,
वाहेगुरु जी का खालसा वाहे गुरु जी की फ़तेह..!!
हैप्पी गुरु गोविन्द सिंह जयंती…….||

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इस जग की माया ने मुझको है घेरा
ऐसी कृपा करो गुरु नाम न भूलूं तेरा
चारों और मेरे दुखों का है अँधेरा छाए
बिन नाम तेरे मेरा इक पल भी ना जाये
गुरु गुरु गोविन्द सिंह जयंती की हार्दिक बधाई…….||

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जब तक मेरे गुरु हैं मेरे साथ
तो बोलो क्यों करूँ मैं टेंशन की बात
उनकी वाणी मीठी लगती मुझे
उन बिन कोई मंजिल ना सूझे मुझे
हैप्पी गुरु गोविन्द सिंह जयंती…….||

 

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