Kajari Teej 2020 Puja Vidhi Shubh Muhoort

Kajari Teej 2020 Puja Vidhi Shubh Muhoort : Kajari Teej Shubh Muhoort, Kajari Teej हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला पर्व है. Kajari Teej का पर्व हिन्दू धर्म में सुहागिन महिलाओ के लिए खास महत्व रखता है| औरमहिलाएँइसका व्रत करती है. और कथा, कहानी सुनते है|इसी लिए हम आपके लिए Kajari Teej, कजरी तीज, Kajari Teej 2020, कजरी तीज 2020, Kajari Teej Katha, Kajari Teej Vrt, Kajari Teej Puja Vidhi, कजरी तीज पूजा विधि, Kajari Teej Shubh Muhoort, कजरी तीज शुभ मुहूर्त, Kajari Teej Puja Vidhi 2020, Kajari Teej 2020 Timing, Kajari Teej 2020 Date Timing, Kajari Teej Puja Vidhi, कजरी तीज पूजा विधि, Kajri Teej 2020 Date Puja Vidhi, Kajari Teej Importance, Kajari Teej , Kajari Teej Vart Katha, Kajari Teej Vart In Hindi, Kajari Teej Katha In Hindi, तथा इस बार कजरी तीज 6 अगस्त 2020 को मनाया जाएगा|

Kajari Teej 2020 Pooja Vidhi In Hindi 

Kajari Teej 2020 Puja Vidhi: हिन्दू धर्म में व्रत त्योहारों का विशेष महत्व होता है| महिलाएँ साल भर में कई तरह के व्रत रखती है| जिसमे प्रमुख रूप से तीज का पर्व सुहागिन महिलाओ के लिए खास महत्व रखता है| तथा इस बार 23 जुलाई 2020 को हरियाली का पर्व मनाया जाएगा, तीज के त्योहारों में महिलाएँ दिन भर निर्जला व्रत रख भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा उपासना करती है| साल में तिन बार तीज का त्यौहार मनाया जाता है| ”1. हरियाली तीज 2. कजरी तीज 3. हरतालिका तीज” सभी तीज में पति की लंबी आयु और सुख समर्धि की कामना के लिए महिलाए व्रत और पूजा पाठ करती है| आईए जानते है, कब कब मनाई जाती है, ये तिन तरह की तीज और इसमे क्या अंतर होता है,

कजरी तीज

Hriyali Teej 2020

Kajari Teej 2020 Pooja Vidhi: 1.हरियाली तीज हर वर्ष ”सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तर्तीय तृतीया तिथि पर तीज का त्योहार मनाया जाता है।” इसे हरियाली तीज या श्रावणी तीज भी कहते हैं। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। हरियाली तीज के मौके पर सुहागिन महिलाएं श्रृंगार कर दिन भर व्रत रखते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-आराधना और जाप करती हैं। हरियाली तीज का उपवास ”सुहागिन महिलाओं के साथ कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की कामना के साथ करती हैं।” मान्यता है. कि सावन महीने में भगवान शिव ने देवी पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार करने का वर दिया था। तथा इस वर्ष हरियाली तीज 23 जुलाई 2020 का हरियाली तीज है। सावन के मौसम में हर जगह हरियाली दिखने से इसे हरियाली तीज के नाम से जाना जाता है, यां का नाम दिया गया है।

Hariyali Teej 2020

Kajri Teej 2020

Kajari Teej 2020 Pooja Vidhi:  2 .कजरी तीज हरियाली तीज की तरह ही कजरी तीज का त्योहार मनाया जाता है। यह व्रत भी विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु की मनोकामना के साथ रखती है कजरी तीज भादो के महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाई जाती है। इसे भादो तीज भी कहा जाता है। इस व्रत में भी सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विधिवत रूप से करती है। कजरी तीज इस वर्ष 6 अगस्त 2020 को मनाई जाएगी।

कजरी तीज

haritalik Teej 2020

Kajari Teej 2020 Pooja Vidhi: 3. हरितालिका तीज हरितालिका तीज इस वर्ष 21 अगस्त 2020 को मनाई जाएगी। यह व्रत भी विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु की मनोकामना के साथ रखती है। हरतालिका तीज व्रत भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव व माता पार्वती की रेत के द्वारा बनाई गई अस्थाई मूर्तियों को पूजती हैं| व सुखी वैवाहिक जीवन तथा संतान की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करती हैंहरतालिका तीज की उत्पत्ति व इसके नाम का महत्त्व एक पौराणिक कथा में मिलता है। हरतालिका शब्द, हरत व आलिका से मिलकर बना है, जिसका अर्थ क्रमशः अपहरण व स्त्रीमित्र (सहेली) होता है। हरतालिका तीज की कथा के अनुसार, पार्वतीजी की सहेलियां उनका अपहरण कर उन्हें घने जंगल में ले गई थीं। ताकि पार्वतीजी की इच्छा के विरुद्ध उनके पिता उनका विवाह भगवान विष्णु से न कर दें। हरतालिका पूजा के लिए सुबह का समय उचित माना गया है। यदि किसी कारणवश प्रातःकाल पूजा कर पाना संभव नहीं है| तो प्रदोषकाल में शिव-पार्वती की पूजा की जा सकती है। तीज की पूजा प्रातः स्नान के पश्चात् नए व सुन्दर वस्त्र पहनकर की जाती है। रेत से बनी शिव-पार्वती की प्रतिमा का विधिवत पूजन किया जाता है| व हरतालिका व्रत कथा को सुना जाता है।

हरितालिका तीज

Kajari Teej 2020 

Kajari Teej 2020 Pooja Vidhi: तीज उत्सव उत्तर भारतीय राज्यों, खासकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में महिलाओं द्वारा बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। तीन प्रसिद्ध तीज त्यौहार जो सावन और भाद्रपद महीनों के दौरान महिलाओं द्वारा मनाए जाते हैं| [ 1.हरियाली तीज 2.कजरी तीज 3.हरतालिका तीज ] अगली तीज हरियाली तीज के बाद जो हरियाली तीज के पंद्रह दिनों के बाद आती है| कजरी तीज के रूप में जानी जाती है। आमतौर पर कजरी तीज रक्षा बंधन के तीन दिन बाद और कृष्ण जन्माष्टमी से पांच दिन पहले आती है। उत्तर भारतीय कैलेंडर के अनुसार यह भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष के दौरान पड़ता है| और दक्षिण भारतीय कैलेंडर के अनुसार यह श्रावण मास के कृष्ण पक्ष के दौरान पड़ता है। हालांकि दोनों कैलेंडर में कजरी तीज एक ही दिन पड़ती है। कजरी तीज को बादी तीज के रूप में भी जाना जाता है| छोटी तीज के विपरीत जिसे हरियाली तीज के रूप में भी जाना जाता है। कजरी तीज को कजली तीज या कजरी तीज भी कहा जाता है। कुछ क्षेत्रों में कजरी तीज को सतुदी तीज के रूप में जाना जाता है।

कजरी तीज 2020

कजरी तीज पूजा मुहूर्त 2020

कजरी तीज ब्रहस्पतिवार: 6 अगस्त 2020 को
तृतीया तिथि प्रारम्भ : 5 अगस्त 2020 को 10:50 PM बजे
तृतीया तिथि समाप्त : 7 अगस्त 2020 को 12:44 AM बजे

कजरी तीज पूजा विधि

कजरी तीज पूजा विधिं 2020

कजरी तीज पूजा विधि:

  • इस दिन निर्जला व्रत रख भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन किया जाता है।
  • व्रत वाले दिन व्रती महिलाएं सुबह जल्दी उठ स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
  • फिर पूजा स्थान में जाकर व्रत करने का संकल्प लें और उमामहेश्वरसायुज्य सिद्धये हरितालिका व्रतमहं करिष्ये मंत्र का जाप करें।
  • इसके बाद साफ मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा या मूर्ति बना लें।
  • अगर ऐसा करना संभव ना हो तो आप समस्त शिव परिवार की मूर्ति पूजा घर में रख सकते हैं।
  • इसके बाद सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें।
  • फिर महादेव और माता पार्वती की अराधना करें।
  • पूजा के समय पार्वती जी को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें और शिव को वस्त्र चढ़ाएं।
  • इसके बाद महिलाएं तीज व्रत की कथा सुनें या पढ़ें।
  • अंत में भगवान गणेश, माता पार्वती और शिव जी की आरती करें।
  • उन्हें नैवेद्य अर्पित करें और फिर घर के बने स्वादिष्ट पकवानों का भोग लगाएँ।
  • फिर उसी प्रसाद को खुद ग्रहण करें और दूसरों में बाटें।
  • संध्या काल में एक समय सात्विक भोजन करते हुए, तीज का व्रत खोले।

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