Maasik Shivaraatri Vrat Puja Vidhi 2020 And Story

Maasik Shivaraatri Vrat Puja Vidhi 2020: Maasik Shivaraatri 2020 Maasik Shivaraatri Vrat Maasik Shivaraatri Poojan Vidh हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का विशेष महत्व मन जाता है| हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि से जयादा महाशिवरात्रि का विशेष महत्वमाना जाता है| मासिक शिवरात्रि प्रत्यक मास में इसका व्रत किया जाता है| परन्तु महाशिवरात्रि का व्रत वर्ष में एक बार किया जाता है| हिन्दू केलेंडर के अनुसार प्रत्येक महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस बार 17 August 2020 को है|.

मासिक शिवरात्रि का व्रत प्रत्येक महीने में किया जाता है| यह व्रत महाशिवरात्रि की तरह की किया जाता है| मासिक शिवरात्रि के व्रत करने वाले पुरुष व महिलाएं या लडकें, लड़कियाँ दोनों कर सकते है| मासिक शिवरात्रि का व्रत करने वाले Maasik Shivaraatri Vrat, Maasik Shivaraatri Vrat Story, Maasik Shivaraatri Vrat Fast, Monthly Shivaratri Dates, Masik Shivratri Vrat Puja Vidhi, इस पेज के द्वारा प्राप्त कर सकते है|.

Maasik Shivaraatri Vrat 2020

Maasik Shivaraatri Kab Hai 17 August 2020

Maasik Shivaraatri Vrat 2020 : शिवरात्रि शिव और शक्ति के संगम का एक पर्व है। हिंदू पंचाग केलेंडर के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष के 14 वें दिन को मासिक शिवरात्रि (Maasik Shivaraatri) मनाई जाती है। यह पर्व ना केवल उपासना बल्कि यह Maasik Shivaraatri अपनी इंद्रियों को नियंत्रित करने में मदद करता है| बल्कि उसे क्रोध, (Anger) ईर्ष्या, अभिमान और लालच जैसी भावनाओं को दूर रखने में में भी मदद करता है। Maasik Shivaraatri का हर महीने में इसका व्रत किया जाता है। तथा शास्त्रों के अनुसार साप्ताहिक त्योहारों में भगवान शिव को सोमवार का दिन समर्पित किया गया है।

वैसे तो साल में एक बार मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि को बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है| इसका व्रत साल में एक बार किया जाता है| लेकिन इसके अलावा भी वर्ष में कई Shivaraatri आती हैं| जिन्हें प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाते हैं। अमांत पंचांग के अनुसार माघ महीने में आने वाली Maasik Shivaraatri को महा Shivaraatri कहा जाता है। लेकिन पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने की Maasik Shivaraatri को महाशिवरात्रि की मान्यता प्राप्त है।

Shivaratri fasting list every month today

23 जनवरी 2020 गुरुवार, मासिक शिवरात्रि
21 फरवरी 2020 शुक्रवार, मासिक शिवरात्रि
22 मार्च 2020 रविवार, मासिक शिवरात्रि
21 अप्रैल 2020 मंगलवार, मासिक शिवरात्रि
20 मई 2020 बुधवार, मासिक शिवरात्रि
19 जून 2020 शुक्रवार, मासिक शिवरात्रि
18 जुलाई 2020 शनिवार, मासिक शिवरात्रि
17 अगस्त 2020 सोमवार, मासिक शिवरात्रि
15 सितंबर 2020 मंगलवार, मासिक शिवरात्रि
15 अक्टूबर 2020 गुरुवार, मासिक शिवरात्रि
13 नवंबर 2020 शुक्रवार, मासिक शिवरात्रि
13 दिसंबर 2020 रविवार, मासिक शिवरात्रि

Maasik Shivaraatri Vrat Vidhi

Maasik Shivaraatri Vrat 2020 मासिक शिवरात्रि व्रत हर महीने आने वाले इस पर्व को प्रत्येक सम्प्रदाय के हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है| इस व्रत को महिला व पुरुष दोनों द्वारा किया जाता है। हममें से कई लोग Maasik Shivaraatri का व्रत भी रखते हैं। वो भक्त जो मासिक शिवरात्रि व्रत करने की इच्छा रखते हैं| उन्हें Maasik Shivaraatri का प्रारम्भ महाशिवरात्रि के दिन से करना चाहिए। श्रद्धालुओं को Shivaraatri की रात को जाग कर शिव जी की पूजा करनी चाहिए। तो जानते हैं मासिक शिवरात्रि पूजा विधि –

Maasik Shivaraaatri Puja Vidhi

  • मासिक शिवरात्रि वाले दिन आप सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कर लें।
  • अब आप किसी मंदिर में जा कर भगवान शिव और उनके परिवार (पार्वती, गणेश, कार्तिक, नंदी) की पूजा करें।
  • सबसे पहले आप शिव लिंग का रुद्राभिषेक जल, शुद्ध घी, दूध, शक़्कर, शहद, दही आदि से करें। ऐसी मान्यता है कि रुद्राभिषेक करने से भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न हो जाते हैं।
  • अब आप शिव लिंग पर बेल पत्र, धतूरा और श्री फल चढ़ाएं। ध्यान रहे कि बेल पत्र अच्छी तरह साफ़ किये होने चाहिए।
  • अब आप भगवान शिव की धुप, दीप, फल और फूल आदि से पूजा करें।
  • शिव पूजा करते समय आप शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ करें।
  • संध्या के समय आप फल हार कर सकते हैं। उपासक को अन्न ग्रहण नही करना चाहिए।
  • अगले दिन भगवान शिव की पूजा करें और दान आदि करने के बाद अपना उपवास खोले।

Maasik Shivaraatri Vrat 2020

Monthly Shivaratri fast story

Maasik Shivaraatri Vrat 2020 मासिक शिवरात्रि व्रत कथा जिस तरह हर व्रत के पीछे कोई न कोई कथा होती है वैसे ही Maasik Shivaraatri करने के पीछे भी एक कथा है। पौराणिक कथाओं और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव महाशिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि के समय शिव लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। जिसके बाद सबसे पहले भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु ने उनकी पूजा की थी। उस दिन से लेकर आज तक इस दिन को भगवान शिव जन्म दिवस के रूप में बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है।

इस दिन शिव पूजा का खास महत्व होता है। बहुत से पुराणों में भी Shivaraatri व्रत का ज़िक्र किया गया है। शास्त्रों के अनुसार अपने जीवन के उद्धार के लिए माता लक्ष्मीं, सरस्वती, गायत्री, सीता, पार्वती तथा रति जैसी बहुत-सी देवियों और रानियों ने भी Shivaraatri का व्रत किया था। Maasik Shivaraatri जीवन में सुख और शांति प्रदान करता है| और भगवान शिव की कृपा दृष्टि से उपासक के सारे बिगड़े काम बन जाते है। यह व्रत संतान प्राप्ति, रोगों से मुक्ति के लिए भी किया जाता है।

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