Masik Shivratri Vrat 2021 मासिक शिवरात्रि (पूजा विधि, व्रत दिनांक, कथा,)

Masik Shivratri Vrat 2021 Vrat Puja VidhiAnd Story, Maasik Shivaraatri Vrat, Maasik Shivaraatri Poojan Vidh. हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का विशेष महत्व मन जाता है| हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि से ज्यादा महाशिवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है| मासिक शिवरात्रि प्रत्येक मास में इसका व्रत किया जाता है| परन्तु महाशिवरात्रि का व्रत वर्ष में एक बार किया जाता है| हिन्दू कलैंडर के अनुसार प्रत्येक महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है| यह मासिक शिवरात्रि इस बार 11 January 2021 को है|.

Maasik Shivaraatri Vrat 2020

मासिक शिवरात्रि का व्रत प्रत्येक महीने में किया जाता है|इस व्रत को करने वाले पुरुष व महिलाएं व लड़कियाँ दोनों कर सकते है| मासिक शिवरात्रि का व्रत करने वाले Masik Shivratri Vrat 2021Story, Masik Shivratri Vrat Vrat Puja Vidhi,इस पेज के द्वारा प्राप्त कर सकते है|.

मासिक शिवरात्रि जाने 2021 में कब है

Masik Shivratri Vrat 2021 शिवरात्रि शिव और शक्ति के संगम का एक पर्व है| हिंदू पंचांग कैलंडर के अनुसार हर महीने कीकृष्ण पक्ष के 14 वे दिन को मासिक शिवरात्रि मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri Vrat ) मनाई जाती है| यह पर्व ना केवल उपासना है बल्कि यह Masik Shivratri Vrat अपनी इंद्रियों को नियंत्रित करने में मदद करता है| बल्कि उसे क्रोध, (Anger) ईर्ष्या, अभिमान और लालच जैसी भावनाओं को दूर रखने में में भी मदद करता है| तथा शास्त्रों के अनुसार साप्ताहिक त्योहारों में भगवान शिव को सोमवार का दिन समर्पित किया गया है|.

Shivaratri Fasting List Every Month Today

सोमवार, 11 जनवरी 2021 मासिक शिवरात्रि
बुधवार, 10 फरवरी 2021 मासिक शिवरात्रि
गुरुवार, 11 मार्च 2021 मासिक शिवरात्रि
शनिवार, 10 अप्रैल 2021 मासिक शिवरात्रि
रविवार, 09 मई 2021 मासिक शिवरात्रि
मंगलवार, 08 जून 2021 मासिक शिवरात्रि
गुरुवार, 08 जुलाई 2021 मासिक शिवरात्रि
शुक्रवार, 06 अगस्त 2021 मासिक शिवरात्रि
रविवार, 05 सितंबर 2021 मासिक शिवरात्रि
सोमवार, 04 अक्टूबर 2021 मासिक शिवरात्रि
बुधवार, 03 नवंबर 2021 मासिक शिवरात्रि
गुरुवार, 02 दिसंबर 2021 मासिक शिवरात्रि

Masik Shivratri Vrat 2021 Vrat Vidhi

Masik Shivratri Vrat 2021 2021  मासिक शिवरात्रि व्रत हर महीने आने वाले इस पर्व को प्रत्येक सम्प्रदाय के हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है| इस व्रत को महिला व पुरुष दोनों द्वारा किया जाता है| हममें से कई लोग Masik Shivaratri का व्रत भी रखते हैं| वो भक्त जो मासिक शिवरात्रि व्रत करने की इच्छा रखते हैं| उन्हें Masik Shivaratri का प्रारम्भ महाशिवरात्रि के दिन से करना चाहिए| श्रद्धालुओं को Shivaraatri की रात को जाग कर शिव जी की पूजा करनी चाहिए| तो जानते हैं मासिक शिवरात्रि पूजा विधि|.

Maasik Shivaraaatri Puja Vidhi

  • मासिक शिवरात्रि वाले दिन आप सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कर लें|.
  • अब आप किसी मंदिर में जा कर भगवान शिव और उनके परिवार (पार्वती, गणेश, कार्तिक, नंदी) की पूजा करें|.
  • सबसे पहले आप शिव लिंग का रुद्राभिषेक जल, शुद्ध घी, दूध, शक्कर, शहद, दही आदि से करें। ऐसी मान्यता है कि रुद्राभिषेक करने से भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न हो जाते हैं|.
  • अब आप शिव लिंग पर बेल पत्र, धतूरा और श्री फल चढ़ाएं। ध्यान रहे कि बेल पत्र अच्छी तरह साफ़ करिये होने चाहिए|.
  • अब आप भगवान शिव की धुप, दीप, फल और फूल आदि से पूजा करें|.
  • शिव पूजा करते समय आप शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ करें|.
  • संध्या के समय आप फल हार कर सकते हैं। उपासक को अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए|.
  • अगले दिन भगवान शिव की पूजा करें और दान आदि करने के बाद अपना उपवास खोले|.

Maasik Shivaraatri Vrat 2020

Monthly Shivaratri fast story

Maasik Shivaraatri Vrat 2020 मासिक शिवरात्रि व्रत कथा जिस तरह हर व्रत के पीछे कोई न कोई कथा होती है वैसे ही Maasik Shivaraatri करने के पीछे भी एक कथा है| पौराणिक कथाओं और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव महाशिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि के समय शिव लिंग के रूप में प्रकट हुए थे| जिसके बाद सबसे पहले भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु ने उनकी पूजा की थी| उस दिन से लेकर आज तक इस दिन को भगवान शिव जन्म दिवस के रूप में बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है|

इस दिन शिव पूजा का खास महत्व होता है| बहुत से पुराणों में भी Shivaraatri व्रत का ज़िक्र किया गया है| शास्त्रों के अनुसार अपने जीवन के उद्धार के लिए माता लक्ष्मीं, सरस्वती, गायत्री, सीता, पार्वती तथा रति जैसी बहुत-सी देवियों और रानियों ने भी Shivaraatri का व्रत किया था| Maasik Shivaraatri जीवन में सुख और शांति प्रदान करता है| और भगवान शिव की कृपा दृष्टि से उपासक के सारे बिगड़े काम बन जाते है| यह व्रत संतान प्राप्ति, रोगों से मुक्ति के लिए भी किया जाता है|.

Leave a Reply