Republic Day Speech 2021 गणतंत्र दिवस पर आप दे सकते है ये भाषण देश भक्ति शायरी के साथ

Republic Day Speech 2021 :Republic Day Speech 2021 गणतंत्र दिवस पर भाषण देश भक्ति शायरी के साथ – 26 जनवरी को पूरा देश गणतंत्र दिवस मनायेगा| इस वर्ष 72 वे गणतंत्र दिवस मनायेंगे. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ पर देश की सास्क्रतिक विविधता में एकता अखंडता और सैन्य ताकत की झलक दिखाई देगी गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न स्कूलों, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित होते हैं| ध्वजारोहण के अलावा कई स्कूलों में निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिताएं भी होती हैं| अगर आप भी इस मौके पर Speech देने की योजना बना रहे हैं| तो हम आपके लिए Republic Day पर Speech लेकर आये है आप नीचे लिखी स्टील की मदद ले सकते हैं| और अपना Republic Day Speech सभी दर्शकों के सामने शेयर कर सकते है|.

Republic Day Speech 2021

Republic Day Status 2021

आदरणीय मुख्य अतिथि, मेरे अध्यापक गण और मेरे साथियों…

आज भारत अपना 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है| सबसे पहले आये हुए सभी अतिथियों का शायरी के साथ स्वागत  करते है |.

” चंदन की खुशबू चौखट पर बिछाते हैं
पवित्र भाव से खुशी के दीप जलाते हैं
मेरे अतिथि आए हैं आज भगवान बनकर
हमारे भगवान को हृदय से तिलक लगाते हैं”

”ईश्वर ने भी कीमती रतन
गिनती के ही बनाए हैं
उन रत्नों में सबसे कीमती
आज हमारे बीच में आए हैं”

आज भारत अपना 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है| 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है| सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं कि गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है| दरअसल इस दिन ही हमारे देश को अपना संविधान मिला था| 26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था| संविधान लागू होने के बाद हमारा देश भारत एक गणतंत्र देश बन गया| इस के 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी| इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे|.

यह संविधान ही है| जो भारत के सभी जाति और वर्ग के लोगों को एक दूसरे साथ जोड़े रखता है| भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है| यह संविधान 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में यह तैयार हुआ था|.

हमारा संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया था. क्योंकि 1930 में इसी दिन कांग्रेस के अधिवेशन में भारत को पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी|.

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर भव्य गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन होता है| राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं राष्ट्र गान और ध्वजारोहण के साथ उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है| अशोक चक्र और कीर्ति चक्र जैसे महत्वपूर्ण सम्मान दिए जाते हैं| राजपथ पर निकलने वाली झांकियों में भारत की विविधता में एकता की झलक दिखती है| परेड में भारत की तीनों सेना- नौ सेना, थल सेना और वायु सेना की टुकड़ी शामिल होती हैं| और सेना की ताकत दिखती है|.

ऐसा नहीं है कि 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा झंडा फहराने और परेड व झांकियों आदि के समापन के साथ ही यह राष्ट्रीय त्योहार खत्म हो जाता है। 29 जनवरी को ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी के साथ गणतंत्र दिवस उत्सव का समापन होता है|.

आजादी मिलने और संविधान लागू होने के इतने बरसों बाद भी आज भारत अपराध, भ्रष्टाचार, हिंसा, नक्सल वाद, आतंकवाद, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा जैसी समस्याओं से लड़ रहा है। हम सभी को एक होकर इन समस्याओं को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। भारत को जब तक इस समस्याओं से बाहर नहीं निकालते तब तक स्वतंत्रता सेनानियों का सपना पूरा नहीं होगा। एक होकर प्रयास करने से श्रेष्ठ और विकसित भारत का निर्माण होगा|.

इसी के साथ में अपने भाषण का समापन करना चाहूंगा। और इसी के साथ में चार शायरी और इस गणतंत्र दिवस पर में आपके सामने पेश करता हु|.

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा,
हम बुलबुले है इसके ये गुलसिता हमारा।

ना जियो धर्म के नाम पर,
ना मरो धर्म के नाम पर,
इंसानियत ही है धर्म वतन का,
बस जियो वतन के नाम।

चढ़ गये जो हंसकर सूली,
खाई जिन्होंने सीने पर गोली,
हम उनको प्रणाम करते हैं,
जो मिट गए देश के लिए,
हम उनको सलाम करते हैं।

तिरंगा लहरायेंगे,
भक्ति गीत गुनगुनाएंगे,
वादा करो इस देश को,
दुनिया का सबसे प्यारा देश बनायेंगे।

ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा,
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा,
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए,
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये।

आजादी का जोश कभी कम न होने देंगे,
जब भी जरूरत पड़ेगी देश के लिए जान लूटा देंगे,
क्योंकि भारत हमारा देश है,
अब दोबारा इस पर कोई आंच न आने देंगे।

ना सरकार मेरी है,
ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गर्व है,
मैं “हिन्दुस्तान” का हूँ और “हिन्दुस्तान” मेरा है।

जय हिंद… जय भारत

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