Maha Shivratri 2021 Puja Vidhi Vrat Katha Mantra,

Maha Shivratri 2021 Puja Vidhi, Vrat Vidhi, Katha Samagri, Muhurat, Mantra, Kahani in Hindiमहाशिवरात्रि 2021 पूजा विधि, महाशिवरात्रि से जुड़ी ये कहानी, Maha Shivratri Vrat Puja Vidhi 2021 Shubh Mahurat Maha Shivratri – हिन्दू धर्म में प्रमुख त्यौहारों में महाशिवरात्रि भी एक बहुत बड़ा त्यौहार है| Maha Shivratri भारत के पवित्र त्यौहारों में जाना जाता है| शिव को आदि गुरु या प्रथम गुरु माना जाता है| और उन्हीं से यौगिक परम्पराओं की शुरुआत हुई थी| और इस रात को ग्रहों की स्थिति एसी होती है| ये मानव शरीर में ऊर्जा को शक्तिशाली ढंग से से उपर कि और ले जाती है| इस रात रीढ़ को सीधा रखकर जाग्रत और सजग रहना हमारी शारीरिक और आध्यात्मिक खुशहाली के लिए बहुत ही लाभदायक है|.

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Maha Shivratri Muhurat 2021

👉 महाशिवरात्रि 11 March 2021 शुक्रवार
👉 निशीथ काल पूजा : 24:08 से 25:00
👉 अवधि :  0 घंटे 50 मिनट
👉 पारणा काल समय : 06:57 से 15:23 (11 March 2021)
👉 चतुर्दशी तिथि आरंभ : 17:02 (10 March 2021)
👉 चतुर्दशी तिथि समाप्त: 19:02 (11 March 2021)

Maha Shivratri व्रत का शास्त्रोक्त नियम

(1) चतुर्दशी पहले ही दिन निशीथ व्यापनी हो तो उसी दिन Maha Shivratri मनाते है| रात्रि का आठवां मुहूर्त निशीथ काल कहलाता है| सरल शब्दों में में तो जब चतुर्दशी तिथि शुरू हो और रात का आठवां मुहूर्त चतुर्दशी तिथि में ही पड़ रहा हो तो उसी दिन शिवरात्रि मनानी चाहिए|.
(2) चतुर्दशी दूसरे दिन निशीथ काल के पहले हिस्से को छुये और  पहले दिन पुरे निसिथ को व्याप्त करें तो पहले दिन ही Maha Shivratri का आयोजन किया जाता है|.
(3) उपयुक्त दो स्थितियों को छोड़कर बाकी हर स्थिति में व्रत अगले दिन किया जाता है|.

Maha Shivratri

Maha Shivratri Vrat Vidhi

(1) मिट्टी के लौटे में पानी और दूध भरकर उपर से बिल पत्र ,आक, धतूरे, के फल चावल आदि डालकर शिव लिंग पर चढ़ाने चाहिए अगर आस पास कोई शिव मन्दिर नहीं है तो घर में मिट्टी का शिव लिंग बनाकर उनका पूजा किया जाता है|.
(2) शिव पुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या शिव के पंच क्षर मंत्र (ॐ नम: शिवाय) का जाप इस दिन करना चाहिए साथ ही महाशिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण का भी विधान है|.
(3) शास्त्रीय विधि विधान के अनुसार शिवरात्रि का पूजा निशीथ काल में करना सर्वश्रेष्ठ रहता है हालाँकि भगत रात्रि के चारों प्रहरों में अपनी सुविधानुसार यह पूजन कर सकते है|.

Maha Shivratri Vrat Puja

Maha Shivratri व्रत दिनांक 11 March 2021 शुक्रवार को है| शिवरात्रि पर्व फाल्गुण मास कर्षण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रत्येक वर्ष सम्पूर्ण भारत में मनाया जाता है| इस व्रत को सभी वर्ग समुदाय तथा स्त्री पुरुष और बालक इस उपवास को करते है|क्योकिं भगवन शिव लोक में शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव के रूप में प्रतिष्ठित माने जाते है| Maha Shivratri व्रत के दिन भगवान शिवलिंग के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में शिव भक्त शिव मंदिर में आकर जल चिढ़ाते है|हिन्दू धर्म में इस दिन उपवास करने वाले लोग सभी शिव मंदिर में Maha Shivratri के (बेल बेल पत्र धतूरा का पता और दूध) से अभिषेक किया जाता है| और Maha Shivratri का महत्व इसलिए माना जाता है की फाल्गुन मॉस क्रष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को ही देवों के देव भगवान भोलेनाथ का विवाह देवी पार्वती के साथ सम्पन हुआ था| इस दिन अविवाहित लड़कीया लड़का सच्चे मन से महादेव की पूजा करते है| तो वे इच्छित वे वर प्राप्त करते है|तथा विवाहित स्त्री पुरुष आदि व्रत करते है तो वे पारिवारिक सुख शांति के लिए करते है|.

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