Vishv Paryatan Divas 2021 विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर 2021

Vishv Paryatan Divas 2021 विश्व पर्यटन दिवस 2021 Vishv Paryatan Divas, World Tourism Day, विश्व पर्यटन दिवस विश्व पर्यटन संगठन WHO की और से विश्व पर्यटन दिवस हर साल भारत में ही नही बल्कि पुरे विश्व में मनाया जाता है| विश्व पर्यटन दिवस प्रत्येक वर्ष 27 सितम्बर को मनाया जाता है| तो इस बार भी 27 सितम्बर को मनाया जाएगा| यह दिन लोगों को पर्यटन के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है| हर दिन हमारे देश में अनेक पर्यटक अलग अलग जगह घूमने आते है| हमारे देश की संस्कृति को देखते है| उनके बारे में जानते है| इस लिए यह दिन हर वर्ष 27 सितम्बर को विश्व भर में मनाया जाता है| इस दिवस को मनाने के पीछे का कारण पुरे विश्व पर्यटन को बढ़ावा देना है|

Vishv Paryatan Divas 2020

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Start of World Tourism Day

विश्व पर्यटन दिवस 2021: विश्व पर्यटन दिवस 27 सितम्बर विश्व पर्यटन दिवस प्रत्येक वर्ष 27 सितम्बर को मनाया जाता है| तथा विश्व पर्यटन दिवस को मनाने की कहानी की शुरुआत 27 सितम्बर 1970 को मैक्सिको सिटी में इंटरनेशनल यूनियन ऑफ़ ऑफिसियल ट्रैवल ऑर्गनाइजेशन IUOTO (International Union of Official Travel Organisation) द्वारा आयोजित हुई एक बैठक से होती है| इसके ठीक दस साल बाद 1980 से इस दिन को आधिकारिक तौर पर विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाने लगा| 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के लिए तारीख के रूप में चुना गया था| क्योंकि यह तारीख विश्व पर्यटन में एक मील का पत्थर थी| 27 सितंबर 1970 को UNWTO विधि यों को अपनाने की वर्षगांठ और UNWTO का मानना ​​है| कि विश्व पर्यटन दिवस के लिए यह तारीख उपयुक्त है| क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में पर्यटन सीज़न के अंत और दक्षिणी गोलार्ध में पर्यटन सीज़न की शुरुआत के समय आती है|। अक्टूम्बर 1997 में इस्तांबुल, तुर्की में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के विश्व व्यापार संगठन की महासभा ने विश्व पर्यटन दिवस के उत्सव के दौरान भागीदारी के रूप में कार्य करने के लिए प्रत्येक वर्ष एक मेजबान देश नामित करने का निर्णय लिया|

Vishv Paryatan Divas Kee Bhaarat Par Najar

Vishv Paryatan Divas 2021 विश्व पर्यटन दिवस : विश्व पर्यटन दिवस प्रत्येक वर्ष विश्व के विभिन्न देशों में 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है| विश्व पर्यटन दिवस के रूप में भारत के लोग विदेशों में जाते है और विदेशी लोग भारत में आते है क्यों की भारत देश अपनी संस्क्रती पर आधारित है| वैसे तो भारत में भी घूमने के लिए अनेक ऐतिहासिक इमारतों मंदिरों आदि है| जो पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करते है| जैसे :- ( भगवान श्री राम का मंदिर ) ( ताजमहल ), ( लाल किला ), ( कुतुब मीनार ), ( चार मीनार ), ( अक्षर धाम मंदिर ), ( गेटवे ऑफ इंडिया ), ( वैष्णोदेवी मंदिर ), ( हवा महल ), ( इंडिया गेट ), ( भानगढ़ किला ), ( उम्मैद भवन पैलेस ), ( मैसूर पैलेस ), ( विक्टोरिया मेमोरियल ), ( सूर्य कोणार्क मंदिर ) और ( जैसलमेर किला ) आदि। भारत सरकार द्वारा पर्यटकों का ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए अतुल्‍य भारत योजना की भी शुरूआत की गई है| और यह योजना काफी सफल भी हुई है। भारत में प्रत्‍येक वर्ष लाखों की संख्‍या में पर्यटक आते हैं। इन्‍हीं पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करने के लिए हर साल विश्‍व पर्यटन दिवस की एक थीम रखी जाती है। विश्व पर्यटन दिवस 2018 की थीम (विषय)  पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण है।

अखंड भारत की चारों दिशाओं में स्थित प्राचीन व भव्य 111 मंदिरों की लिस्ट

अखंड भारत की चारों दिशाओं में स्थित प्राचीन व भव्य 111 मंदिरों की लिस्ट। यदि आप आध्यात्मिक अनुभव लेना चाहते हैं तो यहां जरूर जाएं। सभी मंदिर अपनीं अपनीं अलग पहचान रखते है | इन मंदिरों की सुन्दरता के आगें ताजमहल और कुतुमिनार भी फीके है| भारतीय घटिया राजनीति के कर हिन्दू धर्म के मंदिरों कों इतिहास के पनों से इसे लुप्त किया जा रहा है| और हर   बार अकबर, बाबर, ओरंगजेब का इतिहास व ताजमहल, कुतुमिनार, आदि अनेकों इमारतो को बढ़ा चढ़ा कर दर्शाया जाता है|

1. काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी, [ उत्तरप्रदेश ]
2. श्रीरामनथा स्वामी मंदिर रामेश्वरम्, [ तमिलनाडु ]
3. श्रीजगन्नाथ मंदिर, पुरी, [ ओडिशा ]
4. सूर्य मंदिर कोणार्क, [ ओडिशा ]
5. श्रीपद्मनाभस्वामी मंदिर तिरूअनंतपुरम,[ केरल ]
6. श्रीमहाकालेश्वर मंदिर उज्जैन,  [ मध्यप्रदेश ]
7. श्रीगंगा सरस्वती मंदिर बसरा, [ तेलंगाना ]
8. एकलिंगनाथजी मंदिर, उदयपुर, [ राजस्थान ]
9. श्रीद्वारकाधीश,[ गुजरात ]
10. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, [ मथुरा ]
11. श्रीदक्षिणेश्वर मंदिर, [ कोलकाता ]
12. श्रीसिद्धिविनायक मंदिर, [ मुंबई ]
13. श्रीवेंकटेश्वर मंदिर, [ तिरूपति ]
14. कंधारिया महादेव मंदिर, [ खजुराहो ]
15. केदारनाथ, [ उत्तराखंड ]
16. श्रीमुरूदेश्वर स्वामी मंदिर, [ कर्नाटक ]
17. पशुपतिनाथ मंदिर, [ काठमांडू ]
18. गंगोत्री मंदिर,[ उत्तराखंड ]
19. श्रीनाथजी मंदिर,[ नाथद्वारा ]
20. ब्रह्मा मंदिर, [पुष्कर ]
21. बद्रीनारायण मंदिर, उत्तराखंड22.रघुनाथ मंदिर, [ जम्मू ]
23. श्रीसोमेश्वर स्वामी मंदिर, [ गुजरात ]
24. श्री अयप्पा मंदिर, [ केरल ]
25. श्री मीनाक्षी मंदिर, [ मदुरै ]
26. श्री कृष्ण मंदिर,[ केरल ]
27. श्री रंगनाथा स्वामी मंदिर, श्रीरंगम, [ तमिलनाडु
28. श्री थिल्लई नटराज मंदिर, चिदंबरम,[ तमिलनाडु ]
29. श्री कनक दुर्गा देवी मंदिर, विजयवाडा, [ आंध्रप्रदेश ]
30. श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर, भद्राचलम, [ तेलंगाना ]
31. श्री नरसिम्हा मंदिर, अहोबिलम, [ आंध्र प्रदेश ]
32. विरूपक्ष मंदिर, हम्पी,[ कर्नाटक ]
33. एकमबरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम, [ तमिलनाडु ]
34. श्री अंबाजी मंदिर, बनासकांठा,[ गुजरात ]
35. श्री चामुंडेश्वरी मंदिर, मैसूर,[ कर्नाटक ]
36. बृहदीश्वरर मंदिर, थंजावुर, [ तमिलनाडु ]
37. होयसेलेश्वरा मंदिर, हलेबिडु, [ कर्नाटक ]
38. श्री अरूणाचलेश्वर मंदिर, तिरूवन्नामलाई, [ तमिलनाडु ]
39. कंधारिया महादेव मंदिर, खजुराहो, [ मध्यप्रदेश ]
40. श्री चतुर्मुख ब्रह्मलिंगेश्वर मंदिर, चेबरोलु, [ आंध्र प्रदेश ]
41. एरावटेश्वर मंदिर, दारासुरम, [ तमिलनाडु ]
42. श्री मुरूदेश्वर स्वामी मंदिर, भटकल, [ कर्नाटक ]
43. शीतला माता मंदिर,[ गुड़गांव ]
44. श्री मंजुनाथ मंदिर, [ कर्नाटक ]
45. श्री जोगुलंब मंदिर, [ तेलंगाना ]
46. मनसा देवी मंदिर, [ हरिद्वार ]
47. श्री चेन्नकेश्वर मंदिर,[ कर्नाटक ]
48. श्री बैजनाथ मंदिर, [ हिमाचल ]
49. कैलाशनाथ मंदिर, [ तमिलनाडु ]
50. श्री वीरभद्र मंदिर, [ आंध्र प्रदेश ]
51. श्री ग्रश्नेश्वर मंदिर,[ महाराष्ट्र ]
52. श्री कृष्ण मंदिर, [ कर्नाटक ]
53. श्री मूकम्बिका देवी मंदिर, कोल्लूर,[ कर्नाटक ]
44. श्री वरदराजा स्वामी मंदिर, कांचीपुरम, [त मिलनाडु ]
55. श्री वीर वेंकट सत्यनारायण स्वामी मंदिर, अन्नावरम्, [ आंध्र प्रदेश ]
56. श्री बैद्यनाथ मंदिर, [ झारखंड ]
57. श्री वरह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर, सिम्हाचलम, [ आंध्र प्रदेश ]
58. श्री लिंगराज मंदिर, [ भुवनेश्वर ]
59. श्री राम लला मंदिर,[ अयोध्या ]
60. श्रीमुखलिंगेश्वर मंदिर, श्रीकाकुलम,[ आंध्र प्रदेश ]
61. त्रिपुरेश्वरी मंदिर, उदयपुर, [ त्रिपुरा ]
62. श्री मुक्तेश्वर मंदिर,[ भुवनेश्वर ]
63. यमुनोत्री मंदिर,[ उत्तराखंड ]
64. कामाक्षी अम्मन मंदिर, कांचीपुरम, [ तमिलनाडु ]
65. वेदनारायण स्वामी मंदिर, चित्तूर, [ आंध्र प्रदेश ]
66. श्रीमुंडेश्वरी मंदिर, [ बिहार ]
67. वडक्कमनाथन मंदिर, [ केरल ]
68. श्रीमहालसा नारायणी देवी मंदिर, पोंडा, [ गोवा ]
69. श्रीसूर्य मंदिर, मोधेरा,[ गुजरात ]
70. श्रीमल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर, श्रीसैलम,[ आंध्र प्रदेश ]
72. कामाख्या मंदिर, गुवाहाटी, [ असम ]
73. त्रयम्बकेश्वर मंदिर, [ महाराष्ट्र ]
74. रामप्पा मंदिर, [ तेलंगाना ]
75. श्रीवैकुंटनाथ स्वामी, श्री वैकुंठम, [ तमिलनाडु ]
76. श्रीवैकोम महादेव मंदिर, [ केरल ]
77. दन्तेश्वरी मंदिर, [ छत्तीसगढ़ ]
78. महानन्दीश्वर मंदिर, महानन्दी,  [ आंध्र प्रदेश ]
79. श्री महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर, [ महाराष्ट्र ]
80. श्रीवरसिद्धि विनायक मंदिर, कनिपक्कम, [ आंध्र प्रदेश ]
81. श्रीमुर्गन मंदिर, [ मिलनाडु ]
82. श्रीथिरूनारायण स्वामी मंदिर, मेलकोट, [ कर्नाटक ]
83. श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर, चम्बा,[ हिमाचल प्रदेश ]
84. भद्र मारूति मंदिर, [ महाराष्ट्र ]
85. तुलजा भवानी मंदिर, [ महाराष्ट्र ]
86. श्री सलासर हनुमान मंदिर, सलासर, [ राजस्‍थान ]
87. श्रीनैना देवी मंदिर, [ हिमाचल प्रदेश ]
88. मन्नारशाला श्रीनागराज मंदिर, अलप्पुझा, [ केरल ]
89. श्रीकरमंध मंदिर, श्रीकरमम,  [ आंध्र प्रदेश ]
90. श्रीशांता दुर्गा मंदिर, कावालेम, [ गोवा ]
91. जगद्पिता ब्रह्मा मंदिर, [ पुष्कर ]
92. श्रीविष्णुपद मंदिर,[ गया ]
93. श्रीबद्रीनारायण मंदिर, [ बद्रीनाथ ]
94. श्रीचौंसठ योगिनी मंदिर,[ ओडिशा ]
95. श्रीकैलाशनाथ मंदिर, [ एलोरा ]
96. श्रीमेहंदीपुर बालाजी, [ मेहंदीपुर राजस्थान ]
98. श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर, यादगिरीगट्टा, [ तेलंगाना ]
99. हनुमानधारा,[ चित्रकुट उत्तर प्रदेश ]
100. हिंगलाज माता मंदिर, बलूचिस्तान,[ पाकिस्तान ]
101. मं‍चमुख हनुमान मंदिर, कराची,[ पाकिस्तान ]
102. यशोरेश्वरी, जिला खुलना, [ बांग्लादेश ]
103. श्रीसाई बाबा मंदिर, शिरडी, [ महाराष्ट्र ]
104. शनि मंदिर, शिंगणापुर, [ महाराष्ट्र ]
105. श्रीमहाकालीका मंदिर, पावागढ़, [ गुजरात ]
106. कैलाश मानसरोवर, तिब्बत, [ चीन ]
107. बाबा अमरनाथ, कश्मीर, [ जम्मू और कश्मीर ]
108. श्रीवेष्णोदेवी मंदिर, जम्मू, [ जम्मू और कश्मीर ]
109. श्री गजानन महाराज, शेगांव, [ महाराष्ट्र ]
110. श्री बाबा रामदेव मंदिर, रुणिचा धाम रामदेवरा, [ राजस्थान ]
111. ॐकारेश्वर महादेव मंदिर, ओमकारेश्वर, मध्यप्रदेश प्रस्तुति :[ अनिरुद्ध जोश ‘शतायु’ ]

World Tourism Day Theme

  • 2019 का विषय :- “टूरिज़्म एंड जॉब अ बेटर फ़्यूचर फॉर ऑल” है|.
  • 2018 का विषय :- “पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण” था|.
  • 2017 का विषय :- “सतत पर्यटन – विकास का साधन” था|.
  • 2016 का विषय :- “सभी के लिए पर्यटन – विश्वव्यापी पहुंच को बढ़ावा देना” था|.
  • 2015 का विषय :- “लाखों पर्यटक, लाखों अवसर” था|.
  • 2014 का विषय :- “पर्यटन और सामुदायिक विकास” था|.
  • 2013 का विषय :- “पर्यटन और जल: हमारे साझे भविष्य की रक्षा” था|.
  • 2012 का विषय :- “पर्यटन और ऊर्जा वान स्थिरता ‘था|.
  • 2011 की विषय :- “पर्यटन संस्कृति को जोड़ता है” था|.
  • 2010 का विषय :- “पर्यटन और जैव विविधता” था|.
  • 2009 का विषय :- “पर्यटन – विविधता का उत्सव” था|.
  • 2008 का विषय :- “जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती का जवाब पर्यटन” था|.
  • 2007 का विषय :- “पर्यटन महिलाओं के लिए दरवाजे खोलता है” था|.
  • 2006 का विषय :- “पर्यटन को समृद्ध बनाना”|.
  • 2005 का विषय :- “यात्रा और परिवहन: जूल्स वर्ने की काल्पनिकता से 21 वीं सदी की वास्तविकता तक” था|.
  • 2004 का विषय :- “खेल और पर्यटन: आपसी समझ वालो के लिये दो जीवित बल, संस्कृति और समाज का विकास” था|.
  • 2003 का विषय :- “पर्यटन: गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सामाजिक सद्भाव के लिए एक प्रेरणा शक्ति” था|.
  • 2002 का विषय :- “पर्यावरण पर्यटन सतत विकास के लिए कुंजी” था|.
  • 2001 का विषय :- “पर्यटन: सभ्यताओं के बीच शांति और संवाद के लिए एक उपकरण ” था|.
  • 2000 का विषय :- “प्रौद्योगिकी और प्रकृति: इक्कीसवीं सदी के प्रारंभ में पर्यटन के लिए दो चुनौतियॉं” था|.
  • 1999 का विषय :- “पर्यटन: विश्व धरोहर का नयी शताब्दी के लिये संरक्षण”|.
  • 1998 का विषय :- “सार्वजनिक-निजी क्षेत्र भागीदारी: पर्यटन विकास और संवर्धन की कुंजी” था|.
  • 1997 का विषय :- “पर्यटन: इक्कीसवीं सदी की रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अग्रणी गतिविधि ” था|.
  • 1996 का विषय :- “पर्यटन: सहिष्णुता और शांति का एक कारक” था|.
  • 1995 का विषय :- “विश्व व्यापार संगठन: बीस साल से विश्व पर्यटन में सेवारत” था|.
  • 1994 का विषय :- “गुणवत्ता वाले कर्मचारी, गुणवत्ता पर्यटन” था|.
  • 1993 का विषय :- “पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण: एक स्थायी सद्भाव की ओर” था|.
  • 1992 का विषय :- “पर्यटन: एक बढ़ती सामाजिक और आर्थिक एकजुटता का कारक है और लोगों के बीच मुलाकात का” था|.
  • 1991 का विषय :- “संचार, सूचना और शिक्षा: पर्यटन विकास की शक्ति कारक” था|.
  • 1990 का विषय :- था “पर्यटन: एक अपरिचित उद्योग, एक मुक्त सेवा”|.
  • 1989 का विषय :- “पर्यटकों का मुक्त आवागमन एक दुनिया बनाता है” था|.
  • 1988 का विषय :- “पर्यटन: सभी के लिए शिक्षा” था|.
  • 1987 का विषय :- “विकास के लिए पर्यटन” था|.
  • 1986 का विषय :- “पर्यटन: विश्व शांति के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति” था|.
  • 1985 का विषय :- “युवा पर्यटन: शांति और दोस्ती के लिए सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत” था|.
  • 1984 का विषय :- “अंतरराष्ट्रीय समझ, शांति और सहयोग के लिए पर्यटन” था|.
  • 1982 का विषय :- “यात्रा में गर्व: अच्छे मेहमान और अच्छे मेजबान” था|.
  • 1981 का विषय :- “पर्यटन और जीवन की गुणवत्ता” था।|.
  • 1980 का विषय :- “सांस्कृतिक विरासत और शांति और आपसी समझ के संरक्षण के लिए पर्यटन का योगदान” था|.

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